दिल्ली। 50 दीनो की नोट बंदी के बाद जनता को उम्मीद थी, की 8 नवम्बर को लिए गए नोट बंदी के फ़ैसले के वक़्त,प्रधानमंत्री मोदी ने दिए अपने भाषण में देश की जनता से 50 दिन का समय माँग था। 30 दीसंबर को मियाद पूरी हो गई । जनता अब इस इंटेज़ार में थी की इसके बाद राहत मिलेगी।

पी॰एम॰ के आख़िरी साल की शाम देश के नाम दिए अपने भाषण में पी॰एम॰ मोदी ने लोगों को राहत देते दिखे। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बड़ी घोषणा करते हुए, होम लोन के ब्याज दरों में कमी करने के संकेत दिए । उसके अगले दिन हीं देश के तमाम बड़े राष्ट्रीय बँको ने अपने ब्याज दरों में कटौती का एलान कर दिया। ये छूट 1 से 2 प्रतिशत की रही। वही प्रधानमंत्री मोदी ने कई और जनता की हितकारी योजनाओं की घोषणा की। जैसे की गर्भवती महिलाओं को 6000 रुपए की आर्थिक मदद सरकार की तरफ़ से दी जाएगी।गाँवों में 30 लाख नए मकान बनाए जाएँगे प्रधान मंत्री आवास योजना के अंतर्गत। छोटे और मंझोले ऊध्योगो को 1 की जगह 2 करोड़ तक की गैरंटी सरकार की तरफ़ से दी गई हैं। किसानो का 30 दिन तक का ब्याज सरकार बँको को चुकाएगी। दूसरी तरफ़ ए टी एम से नक़द निकासी की सीमा 2500 से 4500 कर दी गई।

इन सब बड़ी घोषणाओं के बाद आम जनता को एक फ़ौरी राहत मिलती दिख रही थी।

सरकार ने इसके अगले हि दिन पीछे के रास्ते आम जनता के जेब में हाथ डालते हुए पेट्रोल और डीज़ल के दामो में 1.25 रुपए और.98 रुपए की बढ़ोतरी का एलान कर दिया। जिसको नए साल 1 जनवरी की आधी रात से लागू कर दिया। इसके साथ हीं नए साल में आम जनता को एक और बड़ा झटका देते हुए सरकार ने गैस सिलेंडर के दाम भी 2 रुपए से बड़ा दिए गए। वही दूसरी तरफ़ ग़रीब जनता की लाइफ़ लाइन केरोसिंन के दाम भी एक जनवरी से बड़ा दिए गए। 

जहाँ मोदी सरकार ने एक तरफ़ जनता को कुछ लुभावने स्कीम दी वही दूसरी तरफ़ उसकी। भरपाई भी की गई।



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SOURCEIntoday.in
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