नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के संस्थापक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चौतरफ़ा घिरते नज़र आ रहे हैं। भाजपा समेत कई विपक्षी दलों ने चंदे की सूची वेबसाइट से हटाने और नामों को सार्वजनिक ना करने पर केजरीवाल के आरोप लगाए और उनके इस्तीफ़े की माँग की।दिल्ली प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा की केजरीवाल को बताना चाहिए कि किन लोगों या कम्पनियों ने आप पार्टी को चंदा दिया और उनके नामों को सार्वजनिक करना चाहिए। यदि केजरीवाल ऐसा नही करते है तो उनको तत्काल इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। स्वराज अभियान के योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण के निशाने पर पहले से ही आप पार्टी और केजरीवाल है। अब  के एल गोविंदाचार्य ने भी पत्र लिख कर केजरीवाल पर आरोप लगाए।

अन्ना हज़ारे ने आप को अपनी चंदा नीति को पारदर्शी बनाए रखने का परमर्श दिया और कहा की चंदे की लिस्ट को जनता को सार्वजनिक करे । वही प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर कहा की आप पार्टी द्वारा कई कम्पनियों से चंदा लिया गया है,जिसकी वजह से सूची को वेबसाइट से हटा दिया गया हैं।और आप पार्टी द्वारा बताए जा रहे कारण बकवास है।

भूषण ने लिखा कि सूची को सार्वजनिक नहीं करने को लेकर आप का तर्क है कि हमें दान देने वालों को केंद्र सरकार परेशान करती है। इसलिए सूची को हटाया गया। ऐसा है तो आप को चाहिए कि वह इनकम टैक्स व चुनाव आयोग में रिटर्न फाइल करे। कोंग्रेस और भाजपा इसे मुद्दा बनाने की कोशिश में लगी हैं।

इस मुद्दे को लेकर विवादों में घिरी आम आदमी पार्टी पर उनके एक विधायक ने फर्जी कंपनी के सहारे पार्टी को चंदा जुटाने का आरोप लगाया है। मंगलवार प्रेसवार्ता में बिजवासन से आप विधायक कर्नल देवेंद्र सहरावत ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी को फर्जी माध्यम से एक्सिस बैंक के चेक से 35 करोड़ रुपये का चंदा लिया है। जिस कंपनी के माध्यम से पार्टी को पैसा दिया गया है, वे फ़र्ज़ी कंपनिया हैं।

 

 



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SOURCEJagran
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