आज ३१ अक्टूबर देश की महान हस्ती लौह पुरुष सरदार बल्भ पटेल का जन्म दिवस है । इसको मोदी सरकार में एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा हैं।

इस अवसर पर सरकार ने रन फ़ॉर यूनिटी नाम से दिल्ली और पूरे देश में मैराथन दौड़ का आयोजन किया है।

इस आयोजन के दौरान दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सभा को सम्बोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी इस मौक़े पर भी कोंग्रेस पर हमला करने से नही चुके । प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल के क़द को कुछ सरकारों और कुछ लोगों ने कम करने की कोशिश की हैं। और उनके देश के लिए योगदान को कम करने या छुपाने की कोशिश की हैं। इस बयान से श्री मोदी ने सीधा निशाना कोंग्रेस और गांधी परिवार पर साधा हैं।

परंतु विचार करने की बात ये है क्या पहले की सरकारों ने क्या ऐसा किया हैं। अगर हम आज़ादी के बाद से अब तक की सरकारों पर नज़र डाले तो ऐसा नज़र नहि आता।

अब प्रधानमंत्री के इस भाषण को अगर राजनीतिक नज़रिए से देखे तो इसके बहुत सारे मायने हैं।

एक तो देश में नेहरु और गांधी परिवार की छवि पर प्रहार और राजनीति में इस परिवार के  वर्चस्व को कम करने का प्रयास।

और दूसरा की भाजपा के पास ऐसा ख़ुद का कोई ऐसा नेता या व्यक्ति नहि है जिसके चेहरे को भाजपा आगे रख कर ख़ुद का कोई अपना इतिहास बता सके । जिनका देश की राजनीति  में कोई बड़ा योगदान रहा हो।

ख़ैर ये एक राजनीतिक बयान है। पास में गुजरात चुनाव है और गुजरात में इस बार पटेल और पिछड़ा एक चुनौती बनी हुई है।

अब देखना ये है की इससे भाजपा और प्रधानमंत्री को चुनाव में कितना फ़ायदा मिलता है।



डिस्क्लेमर :इस आलेख में व्यक्त राय लेखक की निजी राय है। लेख में प्रदर्शित तथ्य और विचार से UPTRIBUNE.com सहमती नहीं रखता और न ही जिम्मेदार है
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