कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के कांग्रेसी विधायकों और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में तलब किया और विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संभावित गठबंधन को लेकर चर्चा की। समाजवादी पार्टी में मचे घमासान पर कांग्रेस गहरी नजर रख रही है। उत्तर प्रदेश के नेताओं की राय है कि अगर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नई पार्टी बनाकर सपा से अलग होते हैं तो कांग्रेस को उनके साथ गठबंधन खड़ा करने की पहल करनी चाहिए।

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गठबंधन के मुद्दे पर कांग्रेस के नेता पहले से ही समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के नेताओं के संपर्क में बने हुए हैं। राहुल गांधी ने यह बैठक उत्तर प्रदेश में पार्टी की भावी रणनीति पर चर्चा करने के लिए बुलाई थी। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राहुल गांधी की उत्तर प्रदेश में तीसरी यात्रा की तैयारी है। दलितों को प्रभावित करने के मद्देनजर इस यात्रा का ऐलान जल्द किया जाएगा। इस बारे में भी यूपी के नेताओं को जानकारी दी गई। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के 8500 ऐसे गांवों की पहचान की है, जहां कम से कम 1000 दलित रह रहे हैं।

इन गांवों में तीन-तीन लोगों की टीम भेजी जाएगी, जो राहुल गांधी की यात्रा के पहले की तैयारी होगी। पंजाब में भी इसी तरह की तैयारी है। इसके लिए कांग्रेस ने दो सौ टीमें बनाई हैं। जमीनी स्तर की तैयारी पूरी होने के बाद राहुल गांधी ऐसे गांवों के दौरे करेंगे। बुधवार की बैठक का मकसद वहां के नेताओं का मन टटोलना भी था। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के टिकट पर जीतने वाले विधायकों में से नौ पार्टी छोड़ कर जा चुके हैं। अतीत में कांग्रेस के पांच विधायक भाजपा में, तीन बसपा और एक सपा में चले गए थे।



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