लखनऊ। कल उत्तर प्रदेश के जौनपुर और कानपुर में राहुल गांधी और पीएम नरेंद्र मोदी की रैली थीं।

जहाँ एक तरफ़ कानपुर में पीएम मोदी नोट बंदी के फ़ैशले का बचाव करते दिखें,और विपक्ष पर आरोप लगते रहे की, विपक्षी दल काले धन वालों को बचा रही है और संसद नहि चलने दे रही हैं।

वहीं दूसरी वोर जौनपुर की रैली में कोंग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जमकर सरकार और पीएम मोदी पर हमाला बोला। राहुल गांधी ने कहा PM मोदी ने ग़रीबों के शरीर से ख़ून निकल लिया हैं। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार के नोट बंदी के फ़ैसले से हज़ारों युवाओं की नौकरियाँ चली गई है,किसान परेशान हैं। किसान खाद बीज नगद ख़रीदता हैं, ना की PayTm से या ऑनलाइन।ये देश की ९९ % जनता पर सीधा हमला हैं। इसी दौरान मोदी मुर्दा बाद के नारे लगने लगे। राहुल गांधी ने नारे लगाने वाले लोगों को रोका, और मुर्दा बाद के नारे लगाने से माना किया । और की ये हमारी परम्परा नही हैं, और वो प्रधानमंत्री हैं।  ये राजनीतिक लड़ाई हैं।

आगे राहुल गांधी ने कहा देश का काला धन सिर्फ़ 6 % कैश के रूप में, काला धन की बड़ी मात्रा तो ज़मीन और सोने में लगी हैं। परंतु  मोदी जी आम आदमी को परेशान कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि काला धन देश के उन 50 परिवारों के पास है, जिनके साथ वो विदेश घूमते हैं।राहुल गांधी ने कहा, मोदी जी किसानो को क़र्ज़ भी माफ़ कर सकते।लेकिन चोर विजय माल्या का 1200 करोड़ का क़र्ज़ माफ़ कर दिया। नोट बंदी की आड़ में  ग़रीबो का ख़ून चूसा जा रहा है और अमीरों को क़र्ज़ माफ़ी के रूप में फ़ायदा पहुँचाया जा  रहा है।

इसी दौरान राहुल गांधी ने बैंगलोर की लक्ष्मी का ज़िक्र किया। कहा कि लक्ष्मी बैंगलोर में सुबह 5 बजे से फूल ख़रीदती और उसे दिन भर बेच कर अपना घर चलाती हैं। लेकिन नोटेबंदी की वजह से वो भीख माँगने को मजबूर हैं।

नोटबंदी की वजह से राहुल गांधी को जनता का समर्थन दिखा। वही ये रैली खाट सभा से अलग और भीड़ भी कई गुना थीं।

 



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SOURCEपत्रिका
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