लखनऊ :- लोकसभा चुनाव प्रचार अपने पूरे शबाब पर है राजनीतिक पार्टियों ने प्रचार में अपना दम लगा रखा है ! हर पार्टी नेताओं की ताबड़तोड़ रैलियां रोड शो हो रहे हैं !

इसी कड़ी में जब भारतीय जनता पार्टी के प्रचार की बात आती है तो राम मंदिर की चर्चा लोगों की जुबान पर आ जाती है ! लोगों की माने तो 2014 में मोदी सरकार को मिले प्रचंड बहुमत में राम मंदिर मुद्दे का भी अहम योगदान था २०१५ में बनी मोदी सरकार को बने पांच बीत चुके हैं २०१९ के चुनाव का बिगुल बज चुका है कई चरणों के मतदान हो चुके हैं पर सरकार रहते हुए कभी अयोध्या ना जाने वाले नरेंद्र मोदी ने चुनावों में राम नगरी से दूरी बना रखी है ! सूत्रों की मानें तो नरेन्द्र मोदी का कार्यक्रम अयोध्या लोकसभा में ना लगाकर अम्बेडकरनगर लोकसभा की गोशाईगंज विधानसभा में लगाया गया है ! दूसरी तरफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अयोध्या में रोड शो भी किया और हनुमान गढ़ी का दर्शन भी किया ! पर लोगों के मन में सवाल उठने लगा है कि क्यो राम मंदिर आंदोलन से शबाब पर पहुंचने वाली बीजेपी और हिन्दुत्व के जाने वाले हैं नरेंद्र मोदी ने राम नगरी से किनारा कर रखा है ? राम मंदिर पर बीजेपी के दावे मात्र चुनावी स्टंट था ? इस तरह के कई सवाल लोगों के ज़हनों में कौंध रहे हैं !



डिस्क्लेमर :इस आलेख में व्यक्त राय लेखक की निजी राय है। लेख में प्रदर्शित तथ्य और विचार से UPTRIBUNE.com सहमती नहीं रखता और न ही जिम्मेदार है
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