रामगोपाल जी का अखिलेश प्रेम कहीं छलावा तो नहीं है?  या अपने घोटालों पर पर्दा डालने के लिए मुख्यमंत्री के चमचेगीरी तो नहीं कर रहे? क्या मुख्यमंत्री जी एक बड़े घोटाला पर पर्दा डाल रहे हैं? फिर ये समझे की मुख्यमंत्री पद के ख़ातिर किसी का भी सहारा ले सकते हैं? बताया जाता है कि नोएडा अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर यादव सिंह के घोटालों में राम गोपाल का बेटा अक्षय यादव भी शामिल था। लेकिन अब तक सीएम अखिलेश यादव उन्हें बचाते रहे।

 

 

 

बताया जाता है कि उत्तरप्रदेश के भ्रष्ट इंजीनियर यादव सिंह से कारोबारी रिश्तों के आरोप रामगोपाल सिंह यादव के सांसद बेटे अक्षय यादव पर लंबे समय से लग रहे हैं। इस पर राम गोपाल और उनके बेटे ने कई बार सफाई भी दी है कि उनका यादव सिंह से कोई कारोबारी रिश्ता नहीं है। दरअसल, एक अंगरेजी अखबार ने उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी सपा एवं पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव के परिवार से नोएडा में इंजीनियर यादव सिंह के संबंधों का खुलासा किया था। मुलायम सिंह के भतीजे एवं सपा के पूर्व महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे व फिरोजाबाद से सांसद अक्षय यादव के यादव सिंह से कारोबारी रिश्तों की जानकारी मिली थी। जानकारी के मुताबिक अक्षय यादव ने यादव सिंह के सहयोगी से एनएम बिल्डवेल नाम की कंपनी ली थी। अक्षय ने सितंबर 2013 में एनएम बिल्डवेल कंपनी के 9 हजार 995 शेयर यादव सिंह के सहयोगी राजेश मनोचा से दस रुपये के भाव पर खरीदे थे। पांच शेयर अक्षय की पत्नी ऋचा के नाम स्थानांतरित हुए थे। उस समय इस कंपनी के शेयर की कीमत लगभग 2050 रुपये होनी चाहिए थी।

इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने यादव सिंह को नोएडा अथॉरिटी में बहाल कर दिया था। यादव सिंह के घर से साल 2014 नवंबर में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआइ ने दस करोड़ उनकी ऑडी कार से बरामद किये थे। कार राजेश मनोचा की बताई गई थी. अंग्रेजी अखबार के मुताबिक वित्त मंत्रलय के सूत्रों की माने तो एनएम बिल्डवेल हवाला कारोबार के शक के घेरे में है। आयकर विभाग कंपनी की जांच कर रहा है। मनोचा मैक्कन इंफ्रा नाम की कंपनी में निदेशक भी है। यादव सिंह केस में मैक्कन कंपनी भी जांच के घेरे में है। 2013 तक यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता भी निदेशक थी लेकिन फिर इस्तीफा दे दिया था। सीबीआइ इस बात की जांच कर रही है कि क्या यादव सिंह फर्जी आवेदनों के जरिये मैक्कन को 30 औद्योगिक प्लॉट दिलाए थे। उत्तर सरकार की सपा सरकार पर यादव सिंह को लेकर नरमी बरतने के आरोप लगे थे।



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