न्यूज़18 को मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम दिल्ली में त्यागी के साथ बैठक के बाद शिवपाल ने शरद यादव से मुलाकात की थी. इतना ही नहीं उनकी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद सुप्रीमो लालू यादव और रालोद अध्यक्ष अजित सिंह से भी फोन पर बात हुई.

लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और भतीजे अखिलेश यादव के बीच चल रही तनातनी के बीच अचानक दिल्ली पहुंचने पर सियासी महकमे में गर्मागर्मी तेज हो गई थी.

जहां एक ओर पत्रकार चाणक्यपुरी स्थित यूपी सदन में शिवपाल का इंतजार कर रहे थे, वहीं वे सीधे त्यागी के आवास पहुंचे.

हालांकि, शिवपाल और प्रशांत किशोर के बीच मीटिंग करवाने वाले त्यागी ने कुछ नहीं बताया.

उन्होंने बस इतना कहा कि पूरी बैठक समाजवादी पार्टी के 25 साल पूरा होने को लेकर थी. प्रशांत किशोर और शिवपाल भी इस पर कुछ नहीं बोले.

नाम न छापने की शर्त पर एक बड़े नेता ने कहा कि यह बैठक सिर्फ लोहिया और चौधरी चरण सिंह के विचारों को लेकर नहीं थी. इस मीटिंग में यूपी में बिहार की तर्ज पर महागठबंधन बनाने को लेकर चर्चा भी हुई.

गौरतलब है कि बिहार में जदयू, राजद और कांग्रेस के नेतृत्व में महागठबंधन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. इस महागठबंधन से सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने आखिरी समय में अपने आप को अलग कर लिया था.

प्रशांत किशोर ने अपना करियर तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनावी सलाहकार के रूप में शुरू किया था. 2015 बिहार विधानसभा चुनावों में उन्होंने नीतीश के दामन थम लिया था.

जदयू के नेता ने कहा कि वे चाहते हैं कि प्रशांत किशोर कांग्रेस के नेता से एक महागठबंधन के लिए वार्ता शुरू करें. राहुल गांधी और अखिलेश यादव के आपसी रिश्तों को देखते हुए यह एक नेचुरल अलायन्स है. वैसे भी अखिलेश यादव ने सर्जिकल स्ट्राइक पर कांग्रेस उपाध्यक्ष की ओर से दिए गए खून की दलाली वाले बयान का समर्थन किया था.



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