वाराणसी. शहर में बढ़ रहे प्लास्टिक कचरे से निजात पाने के लिए नया तरीका ढूंढ लिया गया है. अब वाराणसी शहर की सडकें प्लास्टिक से बनाई जाएंगी. इसके लिए सड़क के बनाते समय प्लास्टिक का मिश्रण का प्रयोग किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट के तहत गुरुवार को शहर की पहली लेमिनेटेड रोड पर काम मंडुआडीह के श्रीराम नगर कॉलोनी में शुरू हुआ.

इससे न केवल केवल शहर में होने वाले प्लास्टिक के कचरे का सदुपयोग होगा बल्कि इस बनी सड़कों में मजबूती आएगी. खास बात यह होगी कि इन सड़कों पर पानी का असर भी कम होगा. इससे जल-जमाव के चलते खराब होने वाली सड़कों में भी कमी आएगी.

इस तरह की तकनीक का प्रयोग देश में अबतक दक्षिण भारत के कुछ शहरों में किया जाता रहा है.  वाराणसी नगर निगम ने अपने अंतर्गत आने वाले सभी पांच जोनों में सड़कें निर्धारित कर दी हैं. इनके निर्माण और मरम्मत के लिए तारकोल में प्लास्टिक का मिश्रण मिल्या जाएगा. इसके लिए नारायणपुर स्थित प्लांट में बुधवार से काम शुरू भी हो चुका है.
प्लास्टिक की सड़कों के निर्माण के बारे में जानकारी देते हुए नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया कि सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट में इस बारे में ट्रायल हुआ और उसी के आधार पर वाराणसी शहर के सड़कों का निर्माण में प्लास्टिक का प्रयोग किया जाएगा. उन्होंने बताय कि आमतौर पर इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक का दुबारा कोई इस्तेमाल नहीं होता. साथ ही प्लास्टिक को रीसाइक्ल करने में भी समस्याएं आती हैं. यूपी में इस तरह का प्रयोग पहली बार वाराणसी में हो रहा है.



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