बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनी, सोशल मीडिया के बेहतर इस्तेमाल का भी प्रशिक्षण

पीसीसी पदाधिकारियों और जिला-शहर अध्यक्षों की संयुक्त बैठक में महासचिव प्रियंका गांधी ने हिस्सा लिया, आगामी अभियान और रणनीति तय

किसानों के मुद्दे पर आंदोलन की तैयारी, प्रदेश व्यापी आंदोलन की रूपरेखा तय

ब्लॉक से लेकर राजधानी लखनऊ तक सरकार को किसानों के मुद्दे पर घेरेगी कांग्रेस

रायबरेली/लखनऊ, 22 जनवरी 2020। कांग्रेस के जिला और शहर अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन पीसीसी के पदाधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक हुई। संयुक्त बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी और महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी ने हिस्सा लिया। संयुक्त बैठक में उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिस्थितियों पर गहन चिंतन मनन हुआ और आगामी अभियानों, आंदोलनों और रणनीतियों पर चर्चा हुई। संयुक्त बैठक में तय हुआ कि कांग्रेस पार्टी पूरे सूबे में किसानों के मुद्दे पर आंदोलन करेगी। बैठक में पूरे आंदोलन की रूपरेखा तय हुई।

कांग्रेस जल्द ही प्रदेश व्यापी आंदोलन की घोषणा करेगी। आंदोलन की रूपरेखा में तय हुआ कि ब्लॉक से लेकर लखनऊ तक सरकार को किसानों के बदहाली पर घेरा जाएगा। किसानों के मुद्दे पर नुक्कड़ सभा, तहसीलवार कार्यक्रम के साथ हर ब्लॉक में किसानों के घरों तक कांग्रेस के कार्यकर्ता जाकर उनकी पीड़ा सुनेंगे। इस अभियान में दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का भी घेराव करेंगे। इस किसान आंदोलन के अंतिम चरण में लखनऊ में विशाल किसान आक्रोश मार्च भी प्रस्तावित है।

इस अभियान में काँग्रेस कार्यकर्ता किसान मांग पत्र भरा कर किसानों की समस्याओं को इकठ्ठा करेंगे और किसानों के मांग पत्र को लेकर तहसील, जिला मुख्यालय और अन्य प्रशासनिक केंद्रों पर प्रदर्शन किया जाएगा।

गौरतलब है कि रायबरेली स्थिति भुएमऊ गेस्ट हाउस में आज प्रशिक्षण का तीसरा दिन चल रहा है। प्रशिक्षण शिविर में उत्तर प्रदेश के सभी पार्टी जिलाध्यक्ष और शहर अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में कांग्रेस की विचारधारा और इतिहास, राजनीतिक दर्शन, भारतीय संस्कृति और अध्यात्म पर भी गहन चर्चा हुई। जिला स्तर पर गठित होने वाली जिला कमेटी के पूरे ढांचे और उनकी जबाबदेही और जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई।

जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों को बूथ स्तर पर मैनेजमेंट और कमेटियों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही साथ सोशल मीडिया के बेहतर इस्तेमाल के लिए भी जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों ने प्रशिक्षण लिया।



डिस्क्लेमर :इस आलेख में व्यक्त राय लेखक की निजी राय है। लेख में प्रदर्शित तथ्य और विचार से UPTRIBUNE.com सहमती नहीं रखता और न ही जिम्मेदार है
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