लखनऊ :- जल्द ही उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव के नतीजे आने वाले लोक सभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है

यूपी मे उपचुनाव सिर्फ लोकसभा की दो सीटों और विधानसभा की एक सीट पर होगा, पर लोकसभा की दो सीटों के उपचुनाव के नतीजे काफी कुछ बताने वाले होंगे।

 

गोरखपुर और फूलपुर संसदीय सीट पर भाजपा से कोई भी लडे़, लेकिन माना यही जाएगा कि लड़ाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ही लड़ रहे हैं।  वही दूसरी तरफ कभी कांग्रेस का गढ़ रहे फूलफुर में दुबारा अपना वर्चस्व कायम करने का मौका भी होगा साथ ही प्रदेश की मुख्य राजनीतिक पार्टी सपा व बसपा के लिए अपना जनाधार वापस पाने के मौके के तौर पर भी देखा जा रहा है !

 

प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद ये पहले ऐसे चुनाव होंगे जिनमें मैदान में भाजपा की तरफ से लड़ने वालों से ज्यादा प्रदेश के मुखिया  की साख दांव पर होगी।

 

नतीजों से प्रदेश की भावी राजनीति की दिशा का तो संकेत मिलेगा ही, लेकिन उससे ज्यादा यह पता चलेगा कि छह महीने की भाजपा सरकार को लेकर जनता के दिलोदिमाग में क्या चल रहा है।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य क्रमश: गोरखपुर और फूलपुर से सांसद हैं।

 

विधान परिषद का सदस्य चुने जाने के बाद अब यह तय हो गया है कि ये दोनों जल्द ही अपनी संसदीय सीट छोड़ेंगे, जिन्हें भरने के लिए उपचुनाव कराने होंगे।



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