नई दिल्ली। कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार को’धन पशुओं की सरकार’ करार देते हुए आज कहा कि मनरेगा को कमजोर करने के लिए राज्य सरकारों को धमका कर गरीबों का गला घोंटा जा रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने पार्टी मुख्यालय में नियमित ब्रीङ्क्षफग में कहा कि सरकार ने गैर आधिकारिक तौर पर व्हाटस्अप ग्रुप के माध्यम से राज्य सरकारों को मनरेगा की मांग को कम करने के लिए कहा गया है। राज्य सरकारों को उनके लिए आवंटित राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। राज्य सरकारों पर मनरेगा की मांग को कम करने का दबाव डाला जा रहा है।

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केंद्र सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कुछ पूंजीपतियों ने 85 हजार करोड़ रुपए हड़प लिए हैं और सरकार उनके नाम सार्वजनिक नहीं कर रही है और उनको बचा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार मनरेगा का आधार नष्ट कर रही है। रोजगार की मांग कम कराकर इसे आवंटन आधार वाली योजना बनाया जा रहा है। इससे इसका मूल चरित्र नष्ट हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि मनरेगा को कमजोर करना वास्तव में सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है। पिछले दिनों न्यायालय ने सूखे की हालात पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी और ग्रामीण भारत की स्थिति सुधार के कदम उठाने के निर्देश दिए थे।



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