मुंबई। केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार से एक बार फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल दलों में फूट पड़ गई है। इसकी शुरुआती बानगी केंद्र और महाराष्ट्र की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी शिवसेना ने दे दी है। शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राऊत ने अपनी नाराजगी जताते हुए एनडीए के अस्तित्व पर ही करारा हमला किया है। राऊत ने कहा है कि एनडीए सिर्फ कागजों पर है। जब राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति का चुनाव होता है तो एनडीए को पूछा जाता है और मंत्रिमंडल विस्तार के समय एनडीए को अनदेखा किया जाता है।

इसके पहले शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में यह कह कर नाराजगी जताई थी कि उन्हें इसकी जानकारी अखबारों से मिल रही है, उन्हें मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में नहीं बताया गया है। यहां उल्लेख करना जरूरी है कि भाजपा की मनमानी से उसके कई सहयोगी दल नाराज हैं। हाल ही में किसानों के अधिकारों के लिए आंदोलनों के लिए जानी जाने वाली शेतकरी कामगार पक्ष ने भी आने को एनडीए से अलग करने की घोषणा की है।



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