जागरण

वाराणसी-दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नोट बंदी  आठ लाख करोड़ का घोटाला हैं। केजरीवाल ने कहा की इतनी बड़ी मात्रा में बड़े उधयोगपतियो को लोन  दिया गया और एक लाख १४ करोड़ का लोन प्रधानमंत्री ने माफ़ कर दिया ।

केजरीवाल ने कहा यहाँ काशी में मैं वोट माँगने    नहीं आया हु , में आज यह देश को बचाने के लिए आप सभी से भीख माँगने आया हुँ। नोटेबंदी की वजह से लोगों की नौकरियाँ जा रही है। लोग सड़कों पर आ गए हैं। उद्योग धंधे बंद पड़े है । जो लोग नोट बंदी में मरे है वो मरे नहीं बल्कि ये हत्या हैं।

केजरीवाल ने कहा नोट बंदी की स्कीम ख़राब है, नीयत भी ख़राब हैं, और लागू करने का तरीक़ा भी ग़लत हैं।

केजरीवाल ने वाराणसी में कहा कि वह शुगर के मरीज हैं फिर भी भ्रष्टाचार के लिए 15 दिन भूखा रह कर लड़ाई लड़ी है। यदि मोदी जी की स्कीम से भ्रष्टाचार ख़त्म होता तो सबसे आगे मैं खड़े हो कर मोदी के नारे लगाता । यह स्कीम मोदी जी ने अमीरों के लिए लाई है। पूरे देश को को बैंक के बाहर लाइन में लगा दिया । स्विस बैंक की 648 लोगों की सूची की फाइल है, उन्हें पकड़िये। वह सब मोदी के दोस्त हैं।

केजरीवाल ने कहा कि 2000 के नोट से भ्रष्टाचार कैसे ख़त्म होगा। अब घूस देने के लिए कम नोट ले जाने होंगे। भ्रष्टाचार दोगुना हो गया। काला धन ख़त्म नहीं हुआ। आतंकवादियों के पास नए नोट पहुँच गए । भाजपा नेताओ के यहां से भी 2000 के नोट मिल रहे हैं।

 

 

 

 



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