मुंबई। महाराष्ट्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार में पार्टी के ही सांसद ने विरोधी सुर अलापना शुरू कर दिया है। किसानों की कर्जमाफी को लेकर सरकार के तौर तरीकों पर भाजपा सांसद नाना पटोले ने अपनी ही पार्टी की सरकार पर जमकर भड़ास निकाली है। उन्होंने यह तक कह डाला कि किसानों के मुद्दे पर वे कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए थे लेकिन स्थितियां अभी तक वही हैं। उनके बगावती सुरों को महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में काफी महत्त्व दिया जा रहा है। पटोले भंडारा लोकसभा सीट से 2014 में चुनाव जीते हैं।

पटोले ने कहा कि किसानों की कर्जमाफी के लिए सरकार ने ऑन लाइन आवेदन मंगाए हैं जो कारगर नहीं हैं। यह प्रक्रिया मुंबई और नागपुर में सफल हो सकती है लेकिन ग्रामीण भागों में इससे किसानों की परेशानियां बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भागों में किसान ज्यादा पढ़े – लिखे नहीं हैं। ऑन लाइन आवेदन में उनसे कई तरह की गलतियां हो सकती हैं। ऐसे में उनके कर्जमाफी के आवेदन बड़ी संख्या में निरस्त हुए हैं। पटोले ने राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल के उस बयान पर नाराजगी जताई जिसमें उन्होंने कहा है कि 10 लाख किसानों के ऑन लाइन आवेदन निरस्त किये गए हैं।

भाजपा सांसद ने किसानों के मामले में विपक्ष के सुर में सुर मिला कर पार्टी नेतृत्व को चौंका दिया है। हालांकि, पटोले ने कहा कि मैं भाजपा में हूं लेकिन किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाता रहूंगा। उन्होंने कहा कि किसानों की कर्जमाफी के लिए ऑन लाइन आवेदन का वे पहले ही विरोध कर  चुके हैं।

बहरहाल, जिस तरह से पटोले ने अपनी ही पार्टी की सरकार के लिए गए निर्णय का विरोध किया है उससे भाजपा नेतृत्व के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही कई और भाजपा सांसद पटोले का अनुसरण करते हुए अपने मन की बात कह सकते हैं। यदि ऐसा जल्द ही हुआ तो भाजपा को अपने ही सांसदों-विधायकों पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा।

बता दें कि महाराष्ट्र देश का वह राज्य है जहां किसानों की आत्महत्याओं का ग्राफ सबसे आगे है। कांग्रेस विधानसभा के अंदर और बाहर किसानों की कर्जमाफी के लिए लंबे समय से आंदोलन चला रही है। इसी वर्ष प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण की अगुवाई में सभी विपक्षी दलों ने किसान संघर्ष यात्रा निकाली है जिसमें किसानों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। चव्हाण ने कई बार कहा भी है कि राज्य की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने किसान संघर्ष यात्रा के दबाव में घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि फडणवीस सरकार ने पिछले दिनों किसानों की कर्जमाफी की घोषणा की है। हालांकि कांग्रेस ने सरकार पर अब तक किसी भी किसान को कर्जमाफी नहीं दिए जाने का दावा किया है।



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