मुंबई। महाराष्ट्र में यदि हाल-फिलहाल विधानसभा चुनाव हो जाएँ तो भारतीय जनता पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। बताया जा रहा है भाजपा के रणनीतिकारों की नींद कोसों दूर भाग गई है। सूत्रों के अनुसार भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षणों (इंटर्नल सर्वे) में चौकाने वाली जानकारी सामने आई है। इसमें साफ कहा गया है कि महाराष्ट्र में यदि वर्तमान स्थितियों में चुनाव कराये जाएँ तो पार्टी के वर्तमान 122 विधायकों में से 39 को हार का सामना करना पड़ सकता है। जबकि राज्य के 11 सांसदों को भी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल महाराष्ट्र में भाजपा के 23 सांसद हैं। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पार्टी के सांसदों – विधायकों को भ्रष्टाचार से दूर रहने की सलाह देते हुए अपने निर्वाचन क्षेत्र में काम पर लग जाने को कहा है।

बताया जा रहा है कि भाजपा ने आंतरिक सर्वेक्षण कराये हैं जिसके नतीजे उत्साहजनक नहीं हैं। फडणवीस ने पार्टी के सांसदों – विधायकों को ऐसा कुछ भी नहीं करने की चेतावनी दी है जिससे पार्टी की छवि पर विपरीत असर पड़े। यही नहीं, राज्य के सभी भाजपा सांसदों – विधायकों के कार्य के हिसाब से उनका रिपोर्ट कार्ड भी तैयार किया जाएगा ताकि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी उम्मीदवारी तय की जा सके। सूत्रों के अनुसार 2014 में लोकसभा चुनाव हार चुके भाजपा उम्मीदवारों को अभी से चुनावी तैयारी में जुट जाने की सलाह दी गई है।

बहरहाल, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में नोटबंदी के दौरान भारी परेशानी झेल चुके लोगों के अंदर भाजपा के प्रति जबरदस्त नाराजगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई ऐसे फैसले हैं जिनका आमजन के जीवन पर काफी असर पड़ा है। बैंक चार्जेज में बेतहाशा बढ़ोत्तरी, रेल किराया और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी लोगों की नाराजगी बढ़ाने वाले निर्णय रहे हैं। किसानों की कर्जमाफी को लेकर कांग्रेस ने जिस तरह से राज्य की भाजपा सरकार की नाक में दम कर रखा है, वह भी भाजपा के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं। देखना है, भाजपा के आंतरिक सर्वे कितना सही निकलते हैं।



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