आजमगढ़. कार्यपालिका में छाई अंधेरगर्दी के कारण जनपद में 20 लाख से ज्यादा के सामने निवाले के लाले की स्थिति पैदा हो गई है। नक्कारखाने में अपनी आवाज गुम हो जाने के कारण, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की अहम कड़ी उचित दर विक्रेताओं ने 23 अक्टूबर से उठान ठप कर जनपदवासियों के लिये संकट खड़ा कर दिया है। कुंभकर्णी निद्रा में मस्त अधिकारियों को जगाने के लिये कोटेदार फिलहाल ब्लॉक स्तर पर बने हाट गोदामों के सामने बैठ कर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
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46 लाख से ज्यादा आबादी वाले इस जनपद में अबतक बीस लाख से ज्यादा लोगों को दो जून की रोटी सार्वजनिक विरतरण प्रणाली से ही मिलती रही है। समय से राशन का उठान और समय से उसका वितरण हो जाने से उन्हें रोटी जहां सरकार से मिल जाती रही और वहीं दाल का इंतजाम वे खुद ब खुद कर लेते थे।
लेकिन लालफिताशाही की बेड़ियों में जकड़ी कार्यपालिका और भाषण तक ही सिमट गई विधायिका ने उनके सामने संकट की इबारत लिख दी है। 16 सितंबर को लखनऊ तथा 16 अक्टूर को जिले पर हुये धरना-प्रदर्शन के दौरान सीएम व डीएम के प्रतिनिधियों द्वारा क्रमशः15 व सात दिनों के अंदर, वार्ता कर कोटेदारों की समस्या का हल निकालने का आश्वासन देने के बाद भी नतीजा ढाक के तीन पात रहा तो सबने 23 अक्टूबर से उठान ठप कर धरना-प्रदर्शन शुरू किया है।
चूंकि, जिले के कोटेदार इस बार बिना किसी कंक्रिट निर्णय के घुटने टेकने को तैयार नहीं हैं। इसीलिये 20 लाख से ज्यादा जनपदवासियों के सामने निवाले के लाले की स्थिति पैदा हो गई है। यकीनन वर्तमान में सबकी रसोई में पिछले माह का राशन थोड़ा-बहुत पड़ा है, लेकिन अगले माह का राशन जबतक उन्हें मिलेगा, तबतक दावा है कि वह हाथ खड़े कर लेगा।
फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन उ0प्र0 के जिला उपाध्यक्ष सीताराम मौर्य की अगुवाई में विकास खंड अजमतगढ़ के जीयनपुर स्थित हाट गोदाम पर मंगलवार को धरना दे रहे ब्लाक के कोटेदारों की माने तो बार-बार की चेतावनी के बाद भी उनकी मांगों को तवज्जो नहीं देने के कारण वे उठान ठप कर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
ऐसी स्थिति में पचासी फीसदी जनपदवासियों के सामने निवाले के लाले पड़ना लाजमी है। सीता राम मौर्य, सुरेंद्र यादव, मोहन तिवारी, रामानंद यादव, अजमल खां, खटालू सिंह, शिवधनी, लालचंद्र शर्मा, परवेज अहमद, सुखदेव, इंद्रजित, बालरूप चैहान, मेवालाल, सुरेंद्र कुमार, सुबाष सिंह, गोपाल चंद, रामसरन, रामआसरे यादव, महेंद्र सिंह, रामजनम यादव, रामधनी यादव, श्यामा सिंह, गुलाब चंद, मदन गुप्ता, शिवाकांत गुप्ता, राम अवध मौर्य, दलसिंहार मौर्य, राम नगीना सिंह, दुर्ग विजय मिश्र आदि उपस्थित रहे ।
नहीं तो एक से करेंगे भूख हड़ताल
कोटेदार संघ के जिला उपाध्यक्ष सीताराम मौर्य ने कहा कि आने वाले सप्ताह के भीतर उनकी मांगों के संदर्भ में कोई कंक्रिट हल नहीं निकाला तो सभी एक नवंबर से भूख-हड़ताल शुरू कर देंगे। आम जनता को नवंबर माह में समय से राशन उपलब्ध कराने में देरी होने की स्थिति में उन्होंने जन साधारण से माफी मांगा है। बताया कि उनके संगठन के द्वारा अपनी व्यक्तिगत मांगों के साथ-साथ सर्व-साधारण के हित की भी मागें की जा रही है। उनकी मांगों में करीब-करीब आधा मांगे आमजन से ही जुड़ी हैं।
ऐसा चाह रहे हैं, उचित दर विक्रेता
1- राशन दुकानदारों पर लगने वाली धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम बहाल किया जाय।
2- राशन विक्रेताओं को 40 हजार मानदेय देने के साथ ही राज्य कर्मचारी घोषित किया जाय।
3- बाल पोषाहार का ढुलाई भाड़ा/डोर स्टेप डिलीवरी की धरनाराशि का तत्काल भुगतान कराया जाय।
4- निलंबित कोटेदारों की दुकाने बहाल करने के साथ ही उनपद दर्ज मुकदमें वापस लिये जाय।
5- केरोसिन तेल का एलाटमेंट पूर्व की भांति करते हुये प्रत्येक कार्ड 3 या 5 लिटर किया जाय।
6- अधार कार्ड फीड कराने में उत्पीड़न बंद करते हुये, वितरण में प्रधानों का हस्तक्षेप बंद किया जाय।


डिस्क्लेमर :इस आलेख में व्यक्त राय लेखक की निजी राय है। लेख में प्रदर्शित तथ्य और विचार से UPTRIBUNE.com सहमती नहीं रखता और न ही जिम्मेदार है
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