उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रत्याशी सूची में लखनऊ कैन्ट सीट से किसी उम्मीदवार का नाम नहीं दिया गया है. यह बात इसलिए अहम है, क्योंकि समाजवादी पार्टी के मुखिया और मुख्यमंत्री के पिता मुलायम सिंह यादव ने यह सीट अपने छोटे बेटे प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव के लिए तय कर रखी है.

मुलायम सिंह यादव ने 26-वर्षीय अपर्णा यादव को लगभग एक साल पहले ही लखनऊ कैन्ट सीट से समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी घोषित कर दिया था. अपर्णा को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव के कैम्प की सदस्य माना जाता है, जिनके साथ ताकत को लेकर चल रही अखिलेश की जंग ने पार्टी में ‘दोफाड़’ कर डाला है.

इस झगड़े में मुलायम सिंह यादव ने अब तक पूरी तरह अपने भाई का ही साथ दिया है, और अखिलेश यादव के समर्थकों का आरोप है कि पार्टी मुखिया के दूसरी पत्नी तथा मुख्यमंत्री की सौतेली मां ने ही मुलायम सिंह यादव को अखिलेश के विरुद्ध भड़काया है.

अखिलेश यादव के इन समर्थको का यह भी मानना है कि अपर्णा यादव की राजनैतिक महत्वाकांक्षा अखिलेश यादव के स्थान पर समाजवादी पार्टी का युवा चेहरा बनने और फिर शायद वक्त के साथ मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनने की भी है.

कुछ महीने पहले अखिलेश और शिवपाल के बीच जारी जंग चरम पर थी, और उस समय सार्वजनिक हो गई, जब अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले विधायक उदयवीर सिंह ने मुलायम सिंह यादव को लिखकर कहा कि उनके परिवार के ही सदस्य मुख्यमंत्री को निशाना बना रहे हैं. इसे मुलायम की पत्नी की ओर इशारा समझा गया, जिससे मुलायम काफी नाराज़ हुए.

अपर्णा यादव लखनऊ कैन्ट विधानसभा क्षेत्र में लगातार दिखती रहती हैं, लेकिन फिलहाल इस सीट से रीता बहुगुणा जोशी विधायक हैं. समाजवादी पार्टी ने लखनऊ सीट कभी नहीं जीती है. सूत्रों का कहना है कि अपर्णा ने पहली बार चुनाव लड़ने के लिए समाजवादी पार्टी के लिहाज़ से सुरक्षित सीट की मांग की थी, लेकिन लखनऊ कैन्ट सीट पर समझौता करना पड़ा, और तभी से वह वहां प्रचार कर रही हैं.

अखिलेश यादव की सांसद पत्नी डिंपल यादव को जितनी आसानी से राजनैतिक करियर बनाने का मौका मिल गया, बताया जाता है कि अपर्णा के मन में उससे खटास पैदा हो गई, क्योंकि अपर्णा के मुताबिक उन्हें डिंपल की तुलना में बहुत ज़्यादा मेहनत करनी पड़ी. अपर्णा के पति प्रतीक फिटनेस बिज़नेस में हैं, और राजनैतिक रूप से ज़्यादा सक्रिय नहीं हैं, लेकिन अखिलेश यादव गुट का आरोप है कि बड़े भाई और पिता के बीच खाई पैदा करने में उनकी भी भूमिका रही है.

अपर्णा यादव इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुलेआम समर्थन देने के लिए सुर्खियों में आई थीं, और वर्ष 2015 में मैनपुरी में हुई मुलायम सिंह यादव के पोते की शादी के मौके पर अपर्णा और उनके पति प्रतीक ने प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी भी खींची थी. वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सभी कार्यक्रमों को समर्थन देने के मामले में भी काफी मुखर रही हैं.



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