भारत का संविधान ज़िंदाबाद था, है और रहेगा।
संघ का विधान भारत का संविधान नहीं बनेगा।
CAB बिल भारत के संविधान को हटाकर संघ (RSS) के विधान को लाने की ओर बढ़ाया गया कदम है। भारत का संविधान कहता है कि सबको बराबरी की नज़र से देखो। भाजपा का CAB का बिल कहता है कि देश के नागरिकों को बराबरी की नज़र से नहीं बाँटकर देखो। बाँटना देश के संविधान में नहीं है बल्कि RSS की शाखाओं-किताबों में सिखाया जाता है। हमारा संविधान हमारे सभी धर्मों, सभी जातियों, सभी संस्कृतियों की रक्षा करता है। गरीबों, पिछड़ों, कमज़ोरों की रक्षा करता है।
भारत की जड़ों में गौरवशाली इतिहास, एकता और समानता है। भारत के संविधान को नष्ट करने से हर एक धर्म, जाति और संस्कृति की सुरक्षा पर आँच आएगी। अगर आज हमने ये होने दिया तो कल ये सरकार हर उस व्यक्ति, संस्था, संस्कृति, जाति और धर्म को निशाना बनाएगी जो संघ के विधान को नहीं मानेगा।
जब महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, राजेंद्र प्रसाद, बाबासाहेब अम्बेडकर, लाल बहादुर शास्त्री, मौलाना आज़ाद, बाबू जगजीवन राम, राजकुमारी अमृत कौर, गोविंद वल्लभ पंत, सुचेता कृपलानी, बलदेव सिंह और तमाम स्वतंत्रता आंदोलन के भागीदार देश में ऐतिहासिक बदलाव के वाहक बने थे, उस समय देश में केवल 3 विभाजनकारी शक्तियाँ सक्रिय थीं- आरएसएस-सावरकर, अंग्रेज और जिन्ना-मुस्लिम लीग।
मामला साफ था कि भारत को कैसे खड़ा करना है। भारत के गौरवशाली इतिहास को कैसे बचाना है। अंग्रेज, जिन्ना-मुस्लिम लीग और स्वाधीनता संग्राम में भगोड़े रहे RSS-सावरकर तीनों चाहते थे कि विभाजन हो और विभाजन का आधार धर्म बने। देश में फूट पड़े और इस फूट से इन तीनों की राजनीति चमके।
इस समय हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने चुना कि हम भारत को वसुधैव कुटुम्बकम के आधार पर, सर्वे भवंतु सुखिनः के आधार पर खड़ा करेंगे।
एक ऐसा भारत जिसने चुना कि हम कारखानों, विश्वविद्यालयों, संस्कृति, प्रगति और विज्ञान के आधार पर अपना रास्ता तय करेंगे। जहाँ हर एक धर्म का आदर होगा और हर इंसान को सद्भाव से जीने का अधिकार होगा।
आज जब देश के गृहमंत्रीजी CAB बिल को पास कराने के लिए झूठा इतिहास परोसते हैं तो दुख ये होता है कि उन्होंने देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार पटेलजी को भी सही से नहीं पढ़ा। मौजूदा गृहमंत्रीजी खुलेआम देश के स्वतंत्रता सेनानियों गांधी, नेहरू, पटेल, राजेंद्र प्रसाद जैसे महापुरुषों का अपमान कर रहे हैं।
सत्य ये है कि भाजपा हमारी आज़ादी की लड़ाई की बुनियादी नींव को मिटाना चाहती है। भारत की आत्मा को छलनी करना चाहती है। भारत के संविधान को नष्ट करना चाहती है।
भाजपा सरकार की कुनीतियों के चलते देश में आर्थिक गतिविधि ठप्प है, व्यापार नष्ट है, बेरोज़गारी चरम पर है- यह बात उनको मालूम है। अपने न्यू इंडिया में भाजपा महिलाओं को सुरक्षा तक दे नहीं पा रही। उसी न्यू इंडिया में आज देश की हर गली, हर सड़क पर चलते हुए, कॉलेज जाते हुए, काम पर जाते हुए एक महिला को डर लगता है। यह भी भाजपा को मालूम है कि उनसे ये सब सम्भाला नहीं जा रहा है। इसलिए भाजपा अंग्रेजों की तर्ज पर ‘बाँटो और राज करो’ के उनके पुराने और आज़माए रास्ते पर लौट रही है।
भारत के हर एक नागरिक का कर्तव्य बनता है कि इस सरकार को हम देश के संविधान को नष्ट कर संघ का विधान लागू नहीं करने दें। संविधान की रक्षा में कांग्रेस पार्टी की एक-एक महिला और पुरुष कार्यकर्ता देश की हर सड़क, हर शहर, कस्बे, कचहरी से लेकर संसद तक लड़ने का संकल्प लें।
मैं उप्र कांग्रेस के अपने हर बहादुर कार्यकर्ता से कहना चाहती हूँ, ‘ओ आज़ादी की लड़ाई के शेरों और शहीदों के सच्चे वारिसों’ वक़्त आ गया है कि आप भारत के संविधान की रक्षा के लिए अपनी पूरी ताक़त से लड़ाई में कूद पड़ो। हम संघ के विधान को भारत का संविधान नहीं बनने देंगे।
जय हिंद।
प्रियंका गांधी वाद्रा

भारत का संविधान ज़िंदाबाद था, है और रहेगा। संघ का विधान भारत का संविधान नहीं बनेगा। CAB बिल भारत के संविधान को…

Posted by Priyanka Gandhi Vadra on Tuesday, December 10, 2019



डिस्क्लेमर :इस आलेख में व्यक्त राय लेखक की निजी राय है। लेख में प्रदर्शित तथ्य और विचार से UPTRIBUNE.com सहमती नहीं रखता और न ही जिम्मेदार है
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