मोदी जा़ी आप गजबै मायावी हैं प्रभु चुनाव के पहले गुजरात का विकास माडल, पन्द्रह लाख रूपया, चौबीस घंटा बिजली, सबको रोजगार, एक के बदले पन्द्रह सर,पीएम नहीं चौकीदार बना दो, १०० दिन दे दो, और न जाने का का सपने दिखाये, फिर गरीब चाय वाला बन के गरीबों को सूतिया बना दिये, कुर्सी पाते ही ऐसा रंग बदले कि महराज पब्लिक अभी तक चक्कर खा रही है, हवाई जहाज के नीचे पैर न धर रहे, विदेशों में जाके जनता का मजाक उड़ा रहे, दस लाख से नीचे कपड़ा न पहन रहे आक्टोपस(एक कई शोषण सूंढ वाला समुद्री जीव) जैसे जनता के रूपया चूसे की ऊ भी आपके पैर खोज रहा होगा, जन धन खाता खोलवा के ऊ गरीब के धन निकलवाये जो कबहुँ बैंक न गया था ऊ रूपया आप खट से अडानी भैया का दे दिये, फिर अपना सूँढ बरसों से कोल्हू के बैल की तरह पैसा गहना जमीन बना लिये मध्यम वर्ग पर गडाने में जुटे, एक झाडू मारे और स्वच्छता कर सबसे वसूलने लगे, जीवन बीमा करवाके पैसा खींचे, गैस बिना सब्सिडी की ढाई सौ रूपया की भी न है इस समय उका साढे छः सौ में बेचे एहसान उपर से सब्सिडी छोड दो अब का दस हजार में बेचने का इरादा है का, पेट्रोल डीजल इतना मंहगा बेचे कि सबकी हाय निकल गयी, रेल किराया, हवाई किराया कई गुना बढा दिये, रोटी चावल दाल सब्जी सब मंहगी हो गयी पर अब आप अपना खतरनाक सूँढ निकाल के घोंपे हजार पांच सौ की नोट बन्द करके जो कुछ कई बरस से जुटाये रहे बुजुर्ग लोग के सब पैसा गायब हो गया, अपने ही पैसा के लिये भिखमंगों की तरह खड़ा कर दिये सबको प्रभु गहना पर तो आपकी कुदृष्टि पडिये चुकी है जमीन जायदाद वाला कई दो जिहमा सब पूरा फकीर हो जाय, आप अपना का फकीर बता के सबके बराबर बनने का ढोंग भी खूब किहो । प्रभु आप जनता का देशभक्ति के पगहा में बांध के खून चूस रहे हो और राष्ट्रवाद के नाम पे बेदम होके बैठने भी न दे रहे हो उपर से अापके भक्त खून चूसवाते हुये भी बता रहे हैं कि बड़ा मजा आ रहा है तो जनता खराब लगते हुये भी खून चूसवाने को मजबूर है ॥



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