नोटबंदी के बाद हुए उत्तर प्रदेश के ओपिनियन पोल सर्वे कई एजेंसियों ने किये है नोटबंदी के शुरूआती दिनों में भाजपा ने वोटरों के जनमानस में एक बढ़त बना ली थी पर रिज़र्व बैंक और सरकार के दिन प्रतिदिन बदलते नियमो ने भाजपा की तरफ से मोहभंग कर दिया ओपिनियन पोल के अनुसार भाजपा को 60 से 80 सीट तक मिल सकती है,वही दूसरी ओर सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के धुंआधार विकास के प्रचार के बावजूद ओपिनियन पोल सर्वे सपा को 110 से 140 सीट देने के मूड में है
वही नोटबंदी के बाद कॉरप्शन के लगातार आरोप झेल रही मायावती भी बढ़त के बाद और बसपा कार्यालय पर छापे के बाद पिछड़ रही है जहाँ वो सरकार बनाने की तरफ बढ़ रही थी अब वो ओपिनियन पोल सर्वे के अनुसार मायावती को 130 से 150 सीट मिलने के आसार है
उत्तर प्रदेश चुनाव के सबसे कमजोर खिलाडी कांग्रेस राहुल की खाट सभा और राहुल सन्देश यात्रा और शीला दीक्षित के मुख्यमंत्री उम्मीदवार से २ महीने पहले पूरे प्रदेश प्रदेश में चर्चा में आयी और नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री मोदी पर लगातार हमले करते हुए राहुल गाँधी मीडिया के फिर से पोस्टर बॉय बनते नज़र आ रहे है और ओपिनियन पोल सर्वे कांग्रेस को 70 से 90 सीट देने के मूड में है



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