देश के सुरक्षा तंत्र पर सबसे घातक हमला 3.37 मिनट पर हुआ, पूरे देश के शीर्ष नेतृत्व को तुरंत खबर दे दी गयी। देश शोक में डूब गया था। लेकिन उस समय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ऊपर बनने वाली एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म की शूटिंग में व्यस्त थे। और पूरे गाजे बाजे के साथ शाम को 7 बजे तक शूटिंग करते रहे।
देश के सैनिक शहिद हो रहे थे, माताओं की कोख उजड़ रही थी, मांगें सूनी हो रही थीं, बच्चों पर से पिता का साया उठ रहा था लेकिन इन सबके बीच जिस पर देश की जिम्मेदारी थी वो अपनी आत्ममुग्धता में अपने ऊपर बनने वाली डॉक्यूमेंट्री के लिए मुस्कुरा मुस्कुरा कर शूटिंग कर रहा था।
इससे ही यह तय हो जाता है कि इनके लिए अपना प्रचार, चुनाव वोट और सत्ता से अधिक कुछ भी प्यारा नहीं।



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