नई दिल्ली। सालाना बजट के पूर्व अरुण जेटली सभी राज्यों के वित्तमंत्रीयो की बैठक  चल रही थी । इसी बीच से पश्चिम बंगाल के वित्तमंत्री अमित मित्रा उठ कर चल दिए और वित्तमंत्री अरुण जेटली पर आरोप लगाया की देश में वित्तीय इमर्जेन्सी और डर का माहोल हैं, और इस पर कोई चर्चा नहि कर रहा हैं।मित्रा ने ये भी कहा की अब वित्तमंत्री अरुण जेटली का क्या काम । जब नव वर्ष की पूर्व संध्या पर पी॰एम॰ ख़ुद बजट की घोषणा कर चुके हैं।

आगे मीत्रा ने कहा कि नोट बंदी से भाजपा शासित राज्यों की भी स्थिति ख़राब हैं, उधयोग धंधे बंद हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल में लेदर इंडस्ट्री पूरी तरह तबाह हो गई हैं। महाराष्ट्र में पॉवर लूम बंद हो रहे हैं। जिसकी वजह से कर्मचारी आपने हर उत्तर प्रदेश व बिहार वापस जा रहे हैं। यही हाल गुजरात के हीरा व्यापार का हैं। परंतु केंद्र सरकार को इसकी कोई। चिंता नहि हैं।

केन्द्रीय वित्तमंत्री जेटली ने जो टैक्स रेवेन्यू का जो आँकड़ा पेश किया हैं, वो भी 8 नवंबेर के पहले का  हैं।  सीएम आई॰ई का भी कहना हैं की नोट बंदी से 1.26 लाख करोड़ का नुक़सान हुआ हैं। भाजपा शासित राज्यों ने भी कहा की उन्हें भी सर्व शिक्षा अभियान का पैसा नही मिला हैं। राज्यों को मिलने वाला पैसा भी नही मिल रहा हैं।



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