ममता बनर्जी एकमात्र ब्राह्मण मुख्यमंत्री है भारत में आज के समय

एक समय कांग्रेस के शासन काल में तत्कालीन 25 राज्यो में से 8 से 10 में ब्राह्मण मुख्यमंत्री हुआ करते थे

पर ये बीती बात हो गयी है 1992 से ब्राह्मण आरएसएस का कोल्हू का बैल बना हुआ है,उसे आरएसएस भाजपा ने केवल प्रचारक बना कर सत्ता से बेदखल कर रखा

यही नही आरएसएस के रंग में वो इतना डूब चुका है की आज़ाद भारत के उसके सबसे बड़े नेता पंडित नेहरू के ऑनलाइन धर्म परिवर्तन न सिर्फ चुप रहा बल्कि अपना आत्मसम्मान बेच कर खुद उन्हें गैर हिन्दू बताता रहा

वो ये सोच रहा है कि वो चंद्रगुप्त मौर्य घड़ रहा है पर उसे ये ज्ञात नही की मौर्य काल में और उसके बाद भी अमात्यों का क्या रौब था शासन पर जो कि अब नही रहा

आरएसएस पर केवल चितपावन ब्राह्मणों का कब्जा है उन्होंने कभी उसमे गौड़, सारस्वत,सरयूपारीण, कान्यकुब्ज,तमिल,अय्यर जैसे ब्राह्मणों को आने तक नही दिया और नाहक ही ब्राह्मण संगठन का तमगा लिए घूम रहा है।

हरेन पंड्या, संजय जोशी,मुरली मनोहर जोशी,सुषमा स्वराज इत्यादि ब्राह्मण नेताओ का भाजपा में जो पतन हो रहा है वो सोचनीय है

29 राज्यो में से 21 में भाजपा की सरकारें रही है पर वो ब्राह्मणों को वो हिस्सेदारी नही दे पाई जितनी मेहनत भाजपा आरएसएस के लिए ब्राह्मण करता है

ममता बनर्जी को गैर हिन्दू बताना,उनका मजाक बनाना वो भी उसी कड़ी में है कि भाजपा किस तरीके से ब्राह्मणों को सत्ता से खत्म कर रही है

भगवान राम क्षत्रिय वंश के थे रावण ब्राह्मण था परंतु तब भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम थे और वो अन्याय के विरुद्ध लड़ रहे थे

आरएसएस आज भी वही परिस्थिति बना रहा है

परंतु आज राम की आड़ हिंसा,गुंडागर्दी की जा रही है

ममता बनर्जी ब्राह्मण है और वो अन्याय के विरूद्ध लड़ रही है

आरएसएस का ये बहुत महत्वपूर्ण कदम है भारत की सत्ता को ब्राह्मण मुक्त करने की ओर।

देखते है कौन जीतता है।



डिस्क्लेमर :इस आलेख में व्यक्त राय लेखक की निजी राय है। लेख में प्रदर्शित तथ्य और विचार से UPTRIBUNE.com सहमती नहीं रखता और न ही जिम्मेदार है
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