फैजाबाद :- एक ओर जहां 500 1000 की पुरानी नोट बंदी को लेकर पूरा देश में भूचाल है वही प्रधानमंत्री कार्यालय से बिना रसोई गैस कनेक्शन वाली एक महिला को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रसोई गैस सबसिडी छोड़ने का धन्यवाद पत्र भेजने को लेकर खलबली मच गई है Pmo से सब्सिडी छोड़ने वालों की फेहरिस में उस परिवार को भी शामिल कर लिया है जिसके यहां रसोई गैस का कनेक्शन कभी रहा ही नहीं इस परिवार में मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी जलाकर खाना बनाया जाता है यह बड़ी चूक प्रधानमंत्री कार्यालय ने किया है या विभाग ने यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है मामला फैजाबाद शहर के मोहल्ले इमामबाड़ा राठ हवेली का है इस मोहल्ले के मकान नंबर 4/5/1 मैं रहने वाली कोर आयशा बानो पत्नी रहमान को एक रसोई गैस एजेंसी ने 2 दिन पहले ही अपने कर्मचारी के हाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रसोई गैस सब्सिडी छोड़ने पर जारी धन्यवाद पत्र भेजा है करीब 1 फुट के प्लास्टिक कोटेड धन्यवाद पत्र में प्रधानमंत्री ने बानो को रसोई गैस की सब्सिडी त्यागने के लिए धन्यवाद देते हुए अभिनंदन किया है बिना रसोई गैस कनेक्शन के ही प्रधानमंत्री का धन्यवाद पत्र पाकर शहर के इमामबाड़े मोहल्ले के निवासी पूरा शाहबानो पत्नी रहमान काफी अचंभित है बानो का कहना है कि 2 दिन पहले ही उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से एक लिफाफा मिला उसे खोला तो देखा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने उन्हें रसोई गैस सब्सिडी छोड़ने का बधाई दी है जब की हकीकत उसके पास कभी रसोई गैस कनेक्शन नहीं रहा उन्हें नहीं मालूम कि उनका नाम व पता प्रधानमंत्री कार्यालय में कैसे पहुंच गया उसके घर में तो एक मिट्टी का चूल्हा है जिस पर लकड़ी जलाकर वह खाना बनाती है इस बारे में शशी गैस एजेंसी के प्रबंधक व पूर्व विधायक रामू प्रियदर्शी का कहना है कि पहले वे अपने वहां यह पता लगाएंगे कि इस नाम पते से कोई कनेक्शन है या नहीं तभी कुछ कह सकते हैं वही इस बारे में जब इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के निरीक्षक अनिल खरे ने बताया कि यह सीधे मंत्रालय से ही प्रिंट होकर आया है यह धन्यवाद पत्र एजेंसी के जरिए ही भेजा जा रहा है इस प्रकरण में वह कुछ नहीं बता पाएंगे ! वही  मोहल्लेवावियो ने  घोटाला होने की आशंका जताई है !



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