दिल्ली :- देशवासी जब सुनते हैं किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण हमारा देश विवश होता है ईरान जैसे देश से तेल आयात करने में, देश जब सुनता है देश की सीमाओं पर विदेशी मुल्कों द्वारा अनाधिकृत गतिविधियों के बारे में तब देश को याद आती है इंदिरा गांधी जैसी दृढ़ इच्छाशक्ति की, यह जगजाहिर तथ्य है पूर्वी पाकिस्तान भारत की मदद से अलग देश बांग्लादेश बना ! बांग्लादेश के निर्माण के लिए जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान से लोहा ले रही थी तब ब्रिटेन वा अमेरिका जैसे देश भारत को आंख दिखा रहे थे और वह पाकिस्तान के पक्ष में खड़े हुए दिखाई पड़ रहे थे और कोशिश कर रहे थे कि भारत अपने कदम वापस ले ले ! लेकिन उस विपरीत परिस्थितियों में भी तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साफ लफ्जो में कह दिया था ” कोई भारत को आदेश देने का दुस्साहस ना करें” !

ऐसी दृढ़ इच्छाशक्ति की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पूरे विश्व में भारत का लोहा मनवाया बिना झुके बिना डरे पाकिस्तान के दो टुकड़े किए और बांग्लादेश अलग देश बना ! वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को ऐसी ही दृढ़ इच्छाशक्ति की सख्त जरूरत हर देशवासी को महसूस होती है !!



डिस्क्लेमर :इस आलेख में व्यक्त राय लेखक की निजी राय है। लेख में प्रदर्शित तथ्य और विचार से UPTRIBUNE.com सहमती नहीं रखता और न ही जिम्मेदार है
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