मुंबई। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने महाराष्ट्र दौरे के दौरान भारतीय जनता पार्टी की सरकारों पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि उद्योगपतिओं का ध्यान रखने के साथ ही किसानों का ध्यान रखा जाना जरूरी। उन्होंने कहा कि देश को सिर्फ तीस उद्योगपति चला रहे हैं जबकि किसान कर्ज के बोझ तले आत्महत्या को मजबूर है। देश सिर्फ उद्योगपतियों से नहीं चलता। किसानों की लगातार बढ़ रही आत्महत्याओं और महाराष्ट्र में घोषित की गई कर्जमाफी से कम धनराशि की कर्जमाफी दिए जाने पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर जमकर निशाना साधा।  उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर किसानों के पैसों पर नजर रखने का आरोप लगाया है।

राहुल गांधी शुक्रवार को महाराष्ट्र के परभणी के कुछ गांवों का दौरा करने के बाद किसानों की संघर्ष सभा को संबोधित कर रहे थे। गांधी ने कहा देश में किसानों को बचाने के साथ ही युवकों को रोजगार दिए जाने की जरूरत है। राहुल गांधी ने कहा कि पिछले तीन सालों में महाराष्ट्र में 9 हजार किसानों ने आत्महत्या की है। जबकि केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं। उन्होंने सरकार पर उधोगपतियों पर मेहरबान होने का आरोप लगते हुए कहा कि देश को उद्योगपतियों की जितनी जरूरत हैं उतनी ही जरूरत किसानों की।  देश सिर्फ उद्योगपतियों के सहारे नहीं चल सकता। नोटबंदी को पूरी तरह से असफल बताते हुए गांधी ने कहा कि 90 प्रतिशत से ज्यादा पैसा बैंकों में वापस आ गया है। ऐसे में मोदी का काला पैसा बाहर आने का दावा गलत साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से देश को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को गांधी ने छोटे व्यापारियों के लिए नुकसानदेह बता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने एक देश एक कर के सिद्धांत पर जीएसटी लागू करने का मसौदा तैयार किया था। मोदी सरकार ने जीएसटी के तहत 5 तरह के टैक्स लगा कर देश के व्यापारियों के साथ धोखा किया है। इस दौरान महाराष्ट्र प्रभारी मोहन प्रकाश, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण, सांसद राजीव सातव, विधानसभा में विरोधी दल के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल, विधान परिषद के उपसभापति माणिकराव ठाकरे, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, पूर्व मंत्री शिवराज पाटिल, पतंगराव कदम, नसीम खान, बालासाहेब थोरात, हर्षवर्धन पाटिल, विधायक जोगेंद्र कवाडे, अमित देशमुख, डी.पी.सावंत, अब्दुल सत्तार, अमरनाथ राजूरकर सहित काफी संख्या पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।



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