मुंबई। राजनीति अनिश्चितताओं भरा खेल है। शायद यही वजह है कि एनडीए खेमे के एक महत्वपूर्ण स्तंभ माने जाने वाले शेतकरी कामगार पक्ष के सांसद राजू शेट्टी किसी भी समय एनडीए को जय भारत- जय महाराष्ट्र कह कर कांग्रेस के साथ आ सकते हैं। शेट्टी महाराष्ट्र में किसान आंदोलन के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने राज्य में बड़े पैमाने पर हुई किसान आत्महत्या को लेकर कई बड़े आंदोलन किये हैं। फिलहाल केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार की तरफ से किसानों की अनदेखी किये जाने से शेट्टी काफी नाराज हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण से शेट्टी की बढ़ती नजदीकियां इस बात की पुष्टि के लिए काफी हैं कि शेट्टी और एनडीए के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।

महाराष्ट्र भाजपा सरकार को केंद्र और महाराष्ट्र में लंबे समय से समर्थन दे रहे शेतकरी कामगार पक्ष के सांसद राजू शेट्टी जल्द ही कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। कांग्रेसी सूत्रों के अनुसार शेट्टी के एनडीए से बाहर आने के साथ ही कांग्रेस को भाजपा सांसद नाना पटोले का साथ भी मिल सकता है। पटोले ने किसानों की कर्जमाफी को लेकर हाल ही में भाजपा पर काफी तल्ख टिप्पणी की है। उनकी बयानबाजी को भाजपा में विद्रोही के तौर पर देखा जा रहा है।

बता दें कि हाल ही में समाप्त हुए राज्य विधानसभा के सत्र के पहले कांग्रेस के नेतृत्व में किसान संघर्ष यात्रा निकाली गई। इस दौरान राज्य के सभी विपक्षी दल किसान संघर्ष यात्रा में शामिल रहे। कांग्रेस सांसद और प्रदेश अध्यक्ष चव्हाण की अगुवाई में किसान संघर्ष यात्रा की जोरदार सफलता के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक उलट पुलट शुरू हो गई। बता दें कि किसान संघर्ष यात्रा के दबाव के चलते ही मुख्यमंत्री फडणवीस को राज्य के किसानों की कर्जमाफी की घोषणा करनी पड़ी। हालांकि किसानों की कर्जमाफी की जा चुकी है लेकिन कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शेट्टी की शेकाप सहित सभी विपक्षी दल किसी भी किसान को अबतक कर्जमाफी नहीं दिए जाने का दावा कर रहे हैं।

शेट्टी की शेकाप किसान का सबसे मजबूत संगठन माना जाता है। शेट्टी के एनडीए छोड़ने के साथ भाजपा को तगड़ा झटका मिलेगा। दरअसल, एनडीए एक तरह से भाजपा का जेबी संगठन माना जाता है। ऐसे में शेट्टी के साथ छोड़ने से भाजपा के खिलाफ एक मजबूत संदेश जाएगा। किसान नेता के रूप में शेट्टी के कांग्रेस के साथ आने से पार्टी को जमीनी तौर पर काफी मजबूती मिलेगी और लोगों में यह संदेश जाएगा कि कांग्रेस ही किसानों की हितैषी है। बहरहाल, सब कुछ लगभग तय है। शेट्टी और पटोले का भाजपा और एनडीए से मोहभंग हो चुका है। कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं, जिन्हें जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा। देखना है कि दोनों के कांग्रेसी खेमे में आने की घोषणा कब की जाएगी।



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