आगरा। केन्द्रीय राज्यमंत्री पर्यटन व संस्कृति (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा, ने उत्तर प्रदेश में तीर्थंकर सर्किट बनाने का आश्वासन दिया है। इसके साथ रही उन्होंने चन्द्रवाड़ (फिरोजाबाद) में उत्खन कराने और मेहताब बाग से रात्रि में ताजमहल के दर्शन कराने का आश्वासन भी दिया है।
17 तीर्थंकर भगवान यूपी में हुए
इस बारे में सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमण्डल डॉ. महेश शर्मा से दिल्ली में मिला। प्रतिनिधिमण्डल की ओर से ज्ञानोदय संस्थान के ट्रस्टी केसी जैन ने मंत्री को बताया कि जैन धर्म के 24 तीर्थकर भगवानों में से 17 तीर्थंकर भगवानों की जन्म उत्तर प्रदेश की धरा पर हुआ था। उनकी पावन जन्म स्थलियाँ मेरठ, आगरा, फर्रुखाबाद, कौशाम्बी, वाराणसी, देवरिया, अयोध्या व श्रावस्ती के 8 जनपदों में हैं। ये सभी स्थान निर्विवाद हैं। इनके आसपास का रख-रखाव स्तरीय व समुचित नहीं है। पर्यटन मंत्रालय द्वारा ‘‘तीर्थंकर सर्किट, उत्तर प्रदेश’’ बनाया जाये ताकि इन जन्म स्थलियों के आवागमन के मार्ग व रखरखाव उन्नत हो सकें। शान्ति और अहिंसा के उपासक तीर्थंकर भगवन्तों का प्रेरक संदेश चहुंदिश फैल सके। पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने शीघ्र ही तीर्थंकर सर्किट बनाये जाने की बात कही।
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चन्द्रवाड़ में होगा उत्खनन
प्रतिनिधिमण्डल द्वारा जनपद फिरोजाबाद स्थित ग्राम चन्द्रवाड़ में उत्खनन की मांग भी की गई। जहां खण्डहरों में सातवीं सदी के चौहानवंशी राजाओं के समृद्धिशाली राज्य एवं हिन्दू-जैन संस्कृति के निशान दिखाई देते हैं और जहां वैभवशाली अतीत को दबाये टीलों में जैन मूर्तियाँ व बर्तन आदि स्वयं निकल रहे हैं। यहां नीचे प्राचीन जैन मूर्तियाँ, चरण-छत्रियाँ, ककैया ईंटों की दीवारें व बटेश्वर शैली के निर्मित मंदिर हैं। स्थानीय जैन मंदिर में चन्द्रवाड़ की कुछ प्राचीन मूर्तियों हैं। उत्खनन से सदियों पुरानी सभ्यता और इतिहास सामने आ सकेगा और प्राचीन अवशेषों को सुरक्षित एवं संरक्षित करने की भी समृद्ध योजना बन सकेगी। इस पर भी मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वस्त किया।
मेहताब बाग से हो सकता है ताज रात्रि दर्शन
प्रतिनिधिमण्डल ने मंत्री डॉ. महेश शर्मा से मेहताब बाग से ताजमहल रात्रि दर्शन की गयी पहल पर बधाई दी। मांग की कि मेहताब बाग से ताजरात्रि दर्शन 20 दिनों के लिए होना चाहिए, जो पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बनेगा। प्रवेश शुल्क दिन के बराबर ही होना चाहिए ताकि उसकी अधिक से अधिक लोकप्रियता हो सके। रात्रि दर्शन के लिए 45 मिनट का समय और 100 पर्यटकों के समूह की अनुमति होनी चाहिए। प्रतिनिधिमण्डल में आगरा डवलपमेन्ट फाउण्डेशन के संयुक्त सचिव राकेश गर्ग भी सम्मिलित थे।
तीर्थंकर सर्किट से अहिंसा का संदेश जाएगा
पूर्व मंत्री डॉ. रामशंकर कठेरिया का कहना है कि देश में धार्मिक पर्यटन आज पर्यटन का सबसे बड़ा माध्यम हैं, जिसमें धर्म और पर्यटन दोनों का ही समावेश है। आज जहां पूरा विश्व आतंकवाद और हिंसा से ग्रस्त है, अहिंसा के उपासक तीर्थंकर भगवन्तों का संदेश ‘‘तीर्थंकर सर्किट’ बनाने से अवश्य ही चारों ओर फैलेगा जो अहिंसा के महान सिद्धान्तों के अनुसरण के लिए हमें प्रेरित करेगा।


डिस्क्लेमर :इस आलेख में व्यक्त राय लेखक की निजी राय है। लेख में प्रदर्शित तथ्य और विचार से UPTRIBUNE.com सहमती नहीं रखता और न ही जिम्मेदार है
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