लखनऊ :- उत्तर प्रदेश की अम्बेडकरनगर लोकसभा चुनाव की लडाई दिलचस्प होती जा रही है ! बसपा सुप्रीमो मायावती को जीताकर लोकसभा पहुचाने वाली अम्बेडकरनगर सीट पर मोदी लहर मे 2014 मे बीजेपी ने कब्जा जमा लिया था पर 2019 के चुनाव मे अम्बेडकरनगर की लडाई रोचक होती जा रही ! गतदिनो कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी उमेश सिंह निषाद का नामांकन पत्र खारिज़ होने के बाद यहां की सीधी लडाई गठबंधन और बीजेपी मे देखी जा रही है !
बताते चले अम्बेडकरनगर लोकसभा मे बसपा अपना उम्मीदवार लोकसभा के ही जलालपुर विधानसभा के वर्तमान विधायक रीतेश पांडेय को बनाया है

दूसरे दूसरी बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बहराइच जिले की कैसरगंज विधानसभा से विधायक सूबे की योगी सरकार के सहकारिता मंत्री मूकुट बिहारी को बनाया है !

लोकसभा अम्बेडकरनगर के अंतर्गत पांच विधानसभा है जिनकी तीन विधानसभाओ पर बसपा का कब्जा है तो दो बीजेपी के पास है !
बसपा उम्मीदवार को सबसे अधिक लाभ क्षेत्रीय होने का मिल रहा तो दूसरी तरफ बीजेपी उम्मीदवार को बाहरी होने के कारण मशक्कत उठानी पड रही साथ ही भितरघात का भी सामना करना पड रहा है !
बसपा उम्मीदवार युवा होने के कारण भी युवाओ के लिए आकर्षण का केन्द्र बने हुए है !
अम्बेडकरनगर बसपा सपा का संगठन बूथ स्तर तक काफी मजबूत है जिसका लाभ भी बसपा उम्मीदवार को मिल रहा तो दूसरी तरफ बीजेपी का संगठन गठबंधन के मुकाबले कमजोर देखा जा रहा !
अम्बेडकरनगर के जातीय समीकरण के मुताबिक भी गठबंधन का उम्मीदवार बीजेपी उम्मीदवार से आगे बढता देखा जा रहा !
अब देखने वाली बात यह होगी कि बहराइच जिले से आकर सुबाई सरकार के मंत्री अम्बेडकरनगर मे मोदी और योगी की साख बचा पाते है या युवा विधायक रीतेश लोकसभा चुनाव जीतकर फिर से बसपा सुप्रिमो की झोली मे अम्बेडकरनगर डालते है !



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