कश्मीर मैं कुछ वक्त के लिए शांति होने के बाद भारत के इतिहास का सबसे क्रूर और घातक हमला 14 फरवरी 2019 के दिन पुलवामा में हुआ, शायद इससे पहले कभी भी इतने सारे लश्करी जवानों की मौत आतंकी हमलों में नहीं हुई होगी,  सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स यानी के सीआरपीएफ इंडियन आर्मी के जवान जो सरहदों की रक्षा करते है, उनकी मौत युद्ध में जितनी नहीं होती उससे कहीं ज्यादा मौत आजकल  आतंकी हमलों में होती है। 1980 से काश्मीर में आतंकी हमले होते आ रहे है , सायद इसी वजह से देश को हमलों से अचरज नहीं होता। हमले कभी लश्करी कैंप, शहर, अस्पताल, स्कूल, परिवहनके साधनों पर तो  कभी सरहदों पर अक्सर हमले होते रहते है ।
पुलवामा के पास  सीआरपीएफ के जवान जब बस से जम्मू और श्रीनगर को जोड़ने वाले हाईवे से जा रहे थे तभी यह हमला हुआ, आई.इ.डी. साथ आतंकियों ने अपनी कार सीआरपीएफ के जवानों की बस पास आई और एक विस्फोट हुआ,उसके बाद वहां छिपे आतंकियों ने हमला करनेकी कोशिश की, जिसमें 42 जवान की मौत हो गई ।

यह हाईवे काश्मीर का सबसे अहम है,
1947 में आजादी के बाद 1948, 1965, 1971, 1999, 2016 इस तरह हर हमले में पाकिस्तान ने इस हाईवे कब्जा लेने की कोशिश की है ,क्युकी अगर यह रास्ता पाकिस्तान या आतंकियों के पास आ जाए तो काश्मीर का उत्तरी भाग भारत से अलग हो जाएगा , इसीलिए इस रास्ते पर हमेशा पेट्रोलिंग होती रहती है फिर भी अगर हमला हुआ तो वह देश की सुरक्षा , जाशुशी संस्था , संरक्षण और गृह मंत्रालय की घोर असफलता दर्शाता है । केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद काश्मीर में पिछले 20 सालो में सबसे अधिक हमले हुए है ।।।

पी.एम. मोदी के शासनकाल  के दौरान कश्मीर में  किए गए आतंकी हमले  ।

1) 5 डीसम्बर 2014
उरी के पास मोहरा के आर्मी कैंप पर 6 आतंकियों ने हमला किया, जिसमें 10 जवान शहीद हुए ।

2) 25 जून 2016
श्रीनगर जम्मू हाईवे पर आतंकियों ने हमला किया जिसमें 8 जवान शहीद हुए।

3) 18 सितंबर 2016
उरी के आर्मी केंपमे चार पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला किया जिसमें 18 जवान शहीद हुए।

4) 26 अगस्त 2017
जैस ए मोहम्मद के आतंकियों ने पुलवामा में हमला किया जिसमें आठ जवान शहीद हुए ।

5) 13 जुलाई 2018
सीआरपीएफ जवानों पर अनंगनाग में हमला , जिसमें एक अधिकारी और एक जवान कि मौत ।

6) 17 जनवरी 2019
आतंकियों। नेलाल चौक और शोपियाना पुलिस केंप पर हमला किया जिसमें तीन पुलिस जवान की मौत हुई ।

7) 26 जनवरी 2019
पंपोर और खानमो में हमला जिसमें 5 जवान घायल हुए ।

8) 30 जनवरी 2019
कुलगाव जिलेमें पुलिस पर हमला , जिसमें तीन नागरिक घायल ।

9) 31 जनवरी 2019
अनंगनाग सीआरपीएफ पर हमला जिसमें 2 जवानों को गंभीर इजा और 5 नागरिक घायल ।।।

10) 14 फरवरी 2019
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमला जिसमें 42 जवान शहीद हुए ।

जिस तरह मोदी शाशन में आतंकी हमले बढ़ते जा रहे है वैसे वैसे लोगो की धैर्य खत्म होती जा रही है , यह वही मोदी है जो 2014 से पहले जब कोई आतंकी हमला होता ता बहुत शोर मचाते थे पर उनके शासनकाल में सबसे ज्यादा आतंकी हमले होने के बावजूद वह चुप है , 1 सर के बदले में 10 सर लाने की बात करने वाले मोदी के लिए भी यह आखिरी मौका है आतंकियों को सबक सिखाने का , क्युकी जनता  जो भरोसा मोदी पर जताया था , उसमे मोदी नाकामयाब होते नजर आ रहे है और वापिस मोदी मैजिक के दर पर चुनाव जीतना नामुमकीन लग रहा है ।।।



डिस्क्लेमर :इस आलेख में व्यक्त राय लेखक की निजी राय है। लेख में प्रदर्शित तथ्य और विचार से UPTRIBUNE.com सहमती नहीं रखता और न ही जिम्मेदार है
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