phpthumb_generated_thumbnail-9मनामा (बहरीन)। भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है और अच्छे और बुरे आतंकवाद में कोई विभेदीकरण नहीं होना चाहिए। बहरीन के तीन दिवसीय दौरे पर आए गृहमंत्री ने ये बात यहां बहरीन के गृहमंत्री शेख राशिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कही।

उन्होंने आगे कहा कि आतंकवाद से व्यापक तरीके से निपटा जाना चाहिए। कुछ देशों ने खंडित और पक्षपाती दृष्टिकोण अपनाए हैं, जो आतंकवाद से मुकाबला करने में विफल हुए हैं। हाल में जम्मू एवं कश्मीर के उड़ी में और इस साल जनवरी में पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हुए आतंकी हमले की निंदा करने के लिए दौरे पर आए मंत्री ने बहरीन के शीर्ष नेतृत्व को धन्यवाद दिया।

गृहमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, संगठित अंतर्राष्ट्रीय अपराध से लडऩे और अवैध दवाओं, मादक पदार्थो तथा अग्रदूत साबित रसायनों की तस्करी रोकने में सहयोग के लिए समझौता पर हस्ताक्षर ने दोनों देशों के बीच सुरक्षा संबंधों और आतंकवाद से मुकाबला के लिए सहयोग में वृद्धि के लिए आधारशिला रखी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत बहरीन के रक्षा और सुरक्षा प्रतिष्ठान के साथ संबंध बढ़ाना चाहेगा।

राजनाथ ने कहा कि भारत बहरीन के साथ व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को इच्छुक है और इसकी सामरिक भौगोलिक स्थिति का उपयोग जीसीसी बाजार के लिए प्रवेशद्वार के रूप में करना चाहता है। उन्होंने कहा कि बहरीन के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार अभी 1 अरब डॉलर का है, जिसे आगे बढ़ाने की बड़ी संभावना है। राजनाथ ने कहा कि बहरीन में एक बड़े भारतीय समुदाय की उपस्थिति दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता है।



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