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वाराणसी. विश्व की प्राचिनतम नगरी, देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में कई प्रसिद्ध मेले का आयोजन होता है। इन सभी मेलों का अपना महत्व व इतिहास होता है। वहीं काशी में ऐसे भी प्राचीन मेलों का आयोजन होता है, जिसके बारे में काशीवासी भी बहुत कम जानते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक ऐसा ही सैकड़ों साल पुराना मेला लगता है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मंडुआडीह थाना के बगल में स्थित गणेश मंदिर पोखरा पर एक ऐसा ही मेला लगता है, जिसे लोग ‘भेला का मेला’ कहते हैं।
‘भेला का मेला’ का आयोजन मंडुआडीह ग्राम पंचायत की ओर से किया जाता है। इस मेले की खासियत है भेला के फल से बनने वाली दमा की दवा, जिसके लिए दूर-दूर से दमा रोगी मेले में आते हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि कितना भी पूराना दमा का रोग हो वह यहां मिलने वाली दवा से सही हो जाता है। साथ ही इस मेले में बांस व लकड़ी के बने घरेलु उत्पाद मिलते हैं।
जंगली फल होता है भेला, जिससे बनती है दवा
भेला एक जंगली फल होता है। जिससे दमा रागियों के लिए दवा बनाई जाती है। मेले में आये दवा पिलाने वालों ने बताया कि भेला के फल को उबालकर उसे देशी घी में मिलाया जाता है और उसे दमा रोगियों का दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इसके बदले में रोगी जो भी शगुन के तौर पर दुकानदार को देते हैं वह रख लेते हैं। बताया कि यह दवा दीपावली की रात से सूर्योदय तक ही पिलाया जाता है। दीपावली की रात से भोर के समय दवा पीने का खास महत्व होता है।
Bhela ka mela
दीपावली की भोर में लगता है सैकड़ों साल पुराना मेला
आयोजन समिति के सदस्य अजय कुमार मौर्य ने बताया कि ‘भेला का मेला’ हर साल दीपावली भोर में लगता है। अजय कुमार मौर्य ने बताया कि यह मेला सैकड़ों साल पुराना है। उन्होंने बताया कि मेला सुबह सात से आठ बजे तक खत्म हो जाता है। इस मेले में बांस के बने उत्पाद सूप, दउरा, लकड़ी की खाट, झाड़ू, चलनी आदि घरेलू सामान मिलते हैं। इसे खरीदने के लिए भी लोग दूर-दूर से आते हैं, साथ ही शहर व आस-पास की महीलाएं आती हैं। इस मेले में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं की भी अच्छी खासी भीड़ होती है। उन्होंने बताया कि इस मेले में मिर्जापुर, चंदौली आदि जिलों से दवा पिलाने वाले आते हैं।

Source – www.patrika.com/



डिस्क्लेमर :इस आलेख में व्यक्त राय लेखक की निजी राय है। लेख में प्रदर्शित तथ्य और विचार से UPTRIBUNE.com सहमती नहीं रखता और न ही जिम्मेदार है
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